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BIOLOGY
पारिस्थितिक तंत्र की संरचना का संक्षिप्त...

पारिस्थितिक तंत्र की संरचना का संक्षिप्त वर्णन करें।

लिखित उत्तर

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पारिस्थितिक तंत्र जीवमंडल की एक स्वपोषित संरचनात्मक एवं कार्यात्मक इकाई होता है। यह ऊर्जा के लिए पूर्ण रूप से सूर्य पर निर्भर रहता है। पारिस्थितिक तंत्र के मुख्य अवयव दो हैं-1. अजैव अवयव तथा 2. जैव अवयव।
इन दोनों के सम्मिलित रुप से पारिस्थितिक तंत्र का निर्माण होता है। मृदा, वायु, जल, प्रकाश, ताप आदि अजैव घटक हैं। हरे पौधे, मनुष्य, अन्य सजीव आदि जैव घटक हैं। किसी क्षेत्र के अजैव एवं जैव घटकों में लगातार पारस्परिक क्रिया होती रहती है। दोनों एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। अपने अस्तित्व के लिए दोनों एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं।
अगर हम किसी बगीचे का अवलोकन करने पर देखते हैं तो विभिन्न प्रकार के छोटे एवं बड़े पेड़-पौधे, आस-पास में विभिन्न प्रकार की तितलियों, कीड़े, पक्षी, मेढक आदि दिखाई देंगे। इन जीवों के बीच पारस्परिक क्रिया होती रहती है। जिससे इनकी वृद्धि, जनन एवं अन्य जैविक क्रियाएँ प्रभावित होती हैं। तालाब भी पारिस्थितिक तंत्र का एक अच्छा उदाहरण है।
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