शंकु : (i) शंकु एक त्रिविमीय संरचना होती हैं जो शीर्ष बिंदु और एक आधार को मिलाने वाली रेखाओं द्वारा निर्मित होती हैं।
(ii) किसी शंकु का आधार एक वृत्त हो तो वह लम्ब वृतीय शंकु कहलाता हैं।
(iii) यह समान आधार और ऊंचाई वाले बेलन के `1/3` भाग के बराबर होता है।
`a rarr (i)`
गोला : (i) गोला एक ऐसी त्रिविमीय आकृति है, जिसमें केवल एक तल होता है और इसके तल का प्रत्येक बिन्दु एक निश्चित बिन्दु से समान दूरी पर होता है।
(ii) इस बिन्दु को गोले का केन्द्र कहते हैं।
(iii) केन्द्र से गोले के किसी बिन्दु की दूरी को गोले की त्रिज्या कहते हैं।
`b rarr (iv)`
बेलन : (i) बेलन एक ऐसी त्रिविमीय आकृति होती है जिसमे दो समान त्रिज्या वाले वृत्ताकार भाग होते है।
(ii) बेलन सरल रूप में एक रोलर या समान व्यास वाला गिलास होता है।
`c rarr (v)`
घनाभ : (i) घनाभ 6 आयताकार आकृतियों से मिलकर बना होता है।
(ii) घनाभ मे 6 फलक, 12 किनारे एवं 8 शीर्ष ( कोने ) होते है। (iii) इसका प्रत्येक पृष्ठ एक आयत होता हैं।
(iv) घनाभ 6 आयताकार फलको से मिलकर बना होता है इसलिए इसे बहुफलक भी कहा जाता है।
`d rarr (iii) `
पिरामिड : (i) पिरामिड उस बहुफलकीय ठोस को कहते हैं जिसका आधार कोई बहुभुज हो तथा शेष सभी त्रिभुजाकार फलक एक बिन्दु (शीर्ष) पर मिलते हों।
(ii) आधार के प्रत्येक कोर और शीर्ष मिलकर एक त्रिभुजाकार फलक बनाते हैं।
`e rarr (i)`