Home
Class 7
BIOLOGY
पौधों में कायिक प्रवर्धन की विभिन्न विधि...

पौधों में कायिक प्रवर्धन की विभिन्न विधियों का संक्षिप्त वर्णन करें।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

कायिक प्रवर्धन-यह एक प्रकार का अलैंगिक जनन है। यह जनन पौधे के कायिक भागों द्वारा होता है इसीलिए इसे कायिक प्रवर्धन कहते हैं। यह निम्नलिखित प्रकार से होता है
1. जड़ों द्वारा-कुछ पौधों की जड़ों, जैसे शकरकंदी व डहेलिया में कलिकाएँ होती हैं। जब शकरकंदी या डहेलिया की जड़ों को भूमि में गाड़ दिया जाता है, तो कलिकाएँ फूटने लगती हैं जिससे नया पौधा पैदा हो जाता है।
2. तनों द्वारा-कुछ पौधों के तनों में भी कलिकाएँ मौजूद होती हैं, जैसे आलू, हल्दी व अदरक आदि। जब इनको भूमि में दवा देते हैं, तो इनकी कलिकाएँ फूटने लगती हैं और एक नया पौधा पैदा हो जाता है। आलू या अन्य तनों के खंड करके भी नए पौधे पैदा किए जा सकते हैं परंतु ध्यान रखें कि प्रत्येक खंड पर एक या दो कलिकाएँ (आँखें) होनी आवश्यक हैं अन्यथा नया पौधा नहीं बनेगा।
3. पत्तियों द्वारा कुछ पौधों, जैसे ब्रायोफिलम आदि की पत्तियों में पर्ण कलिकाएँ निकल आती हैं। ये कलिकाएँ पत्तियों से अलग होकर भूमि पर गिरकर एक नए पौधे को जन्म देती हैं या इन कलिकाओं को पत्ती से अलग करके भूमि में लगाने से नया पौधा पैदा हो जाता है। एक कलिका एक पौधे को जन्म देने में सक्षम होती है।
4. अन्य भागों द्वारा कैक्टस जैसे पादप के वे भाग जो मुख्य पादप से अलग होकर नए पौधे को जन्म दे सकते हैं और यह नए पादप के रूप में वृद्धि कर सकता है।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • पादप में जनन

    DEEPAK PUBLICATION|Exercise अध्याय का तीव्र अध्ययन|20 Videos
  • पादप में जनन

    DEEPAK PUBLICATION|Exercise परीक्षोपयोगी अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न ( लघूत्तरात्मक प्रश्न )|22 Videos
  • पवन तूफान और चक्रवात

    DEEPAK PUBLICATION|Exercise अध्याय का तीव्र अध्ययन|23 Videos
  • पादपों में पोषण

    DEEPAK PUBLICATION|Exercise परीक्षोपयोगी अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न (अध्याय का तीव्र अध्ययन)|15 Videos