कवकों से लाभ-कवकों से हमें निम्नलिखित लाभ होते हैं
(1) कुछ कवक खाने के काम आते हैं, जैसे छत्रक, खुम्ब, गुच्छी आदि।
(2) कुछ कवक मृत जंतुओं तथा पौधों का अपघटन करके उनके तत्त्वों को पुनः वातावरण में भेज देते हैं। अतः कवक प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ सफाई रखने में भी लाभदायक सिद्ध हुए हैं।
(3) यीस्ट नामक कवक का उपयोग डबलरोटी बनाने तथा एल्कोहल बनाने में होता है।
(4) कुछ कवक पौधों को हानि पहुँचाने वाले कीटों की रोकथाम के लिए प्रयोग किए जाते हैं।
(5) बहुत से कवकों का उपयोग दवाओं के निर्माण में होता है। महत्त्वपूर्ण प्रतिजैविक औषधि पेनिसिलिन कवक से ही प्राप्त होती है।
(6) कवक इडली, डोसा, जलेबी आदि स्वादिष्ट व्यंजन बनाने में सहायक हैं।
कवकों से हानियों-कवकों से निम्नलिखित हानियों होती हैं
(1) कई प्रकार के कवक पौधों में रोग फैलाते हैं, जैसे गेहूँ का कांग्यारी व रस्ट रोग, सेब के फल की सड़न, आलू का अगमारी रोग, गन्ने का लाल गलन (रतुआ) रोग आदि।
(2) बहुत से कवक हमारे खाद्य पदार्थों पर उगकर उनको नष्ट कर देते हैं, जैसे डबलरोटी, मुरब्बे, जैम, चटनी, गूंथे आटे, अचार, जैली आदि पर लगने वाली फफूंदी।
(3) कुछ कवकों द्वारा हमारे दैनिक उपयोग की बहुत-सी वस्तुओं को नष्ट कर दिया जाता है, जैसे कपड़े, चमड़े का सामान, कागज़ का सामान, बिजली का सामान, कैमरे का लेंस आदि।
(4) बहुत से कवक मनुष्यों में रोग फैलाते हैं, जैसे चर्म रोग, दाद, खारिश, खुजली आदि।
(5) कुछ कवक इमारती लकड़ी को हानि पहुँचाते हैं।