अलैंगिक जनन में नर तथा मादा दोनों जीवों की आवश्यकता नहीं होती। इसमें युग्मक नहीं बनते। इस विधि में नर या मादा जीव अपनी संख्या बढ़ाते हैं। अलैंगिक जनन की विभिन्न विधियाँ अग्रलिखित हैं
.द्विखंडन-जब विखंडन प्रक्रिया द्वारा एक जीव से दो जीव बनते हैं, तो इस प्रक्रिया को द्विखंडन कहते हैं। पहले जीवकोशिका का केंद्रक विभाजित होता है तथा उसके बाद जीवद्रव्य। उदाहरण-अमीबा, पैरामीशियम।।
बहुखंडन-इस विधि में पूर्ण विकसित जीव का केंद्रक अनेक केंद्रकों में समसूत्री विभाजन द्वारा विभक्त हो जाता है। अमीबा में द्विखंडन इसके परिणामस्वरूप अनेक केंद्रक बनते हैं। इसके पश्चात् प्रत्येक केंद्रक थोड़े-थोड़े जीवद्रव्य द्वारा घिर जाता है और अनेक संतति कोशिकाएँ बनती हैं। उदाहरण-प्लाज्मोडियम।
मुकुलन–पूर्ण विकसित पादप/जंतु के शरीर से एक उभार-सा विकसित होता है, जिसे मुकुल कहते हैं। मुकुल के साथ मुकुल वाली कायिक कोशिका से केंद्रक दो भागों में विभक्त हो जाता है तथा एक केंद्रक मुकुल में प्रवेश करता है। मुकुल जीव के शरीर से अलग हो जाती है तथा पूर्ण जीव में विकसित होती है।
बीजाणुओं द्वारा यह प्रक्रिया कवक तथा जीवाणुओं में होती है। इनसे विकसित बीजाणुधानी में अनगिनत बीजाणु होते बीजाणु हैं। बीजाणुधानी के अंदर केंद्रक अनेक बार विभक्त होकर बीजाणु बनाता है। ये बीजाणु जब किसी नमी-युक्त स्थान पर गिरते हैं तो बीजाणुधानी अंकुरित होकर थैलस (कवक) बनाते हैं। -हाइफा उदाहरण के लिए राइजोपस, म्यूकर, पैनिसिलियम आदि।
पुनरुद्भवन-किसी जीव के शरीर के टूटे हुए या छोटे-से भाग से पूर्ण जीव के विकसित होने की प्रक्रिया या अंग के विकास की प्रक्रिया को पुनरुद्भवन कहते हैं। एक कवक में बीजाणुधानी तथा बीजाणु का बनना उदाहरण-पुनरुद्भवन की प्रक्रिया हाइड्रा, प्लेनेरिया तथा स्पंज में होती है।
कायिक प्रवर्धन-पौधे के किसी कायिक भाग से पौधा उगाने की प्रक्रिया, कायिक प्रवर्धन कहलाती है। इस जनन में बीज़ों की आवश्यकता नहीं पड़ती। यह मुख्यतः दो प्रकार का होता है-(i) प्राकृतिक, (ii) कृत्रिम। (i) प्राकृतिक कायिक प्रवर्धन-पौधे के शरीर पर उपस्थित कलिकाओं से पौधा प्राप्त करने की क्रिया, प्राकृतिक कायिक प्रवर्धन कहलाती है। ये कलिकाएँ पौधे के तने, जड़ तथा पत्तों पर हो सकती हैं जैसे–तना, जड़, पत्ती इत्यादि।
कृत्रिम कायिक प्रवर्धन-मनुष्य स्वयं कलम द्वारा, परतन रोपण द्वारा पौधे तैयार कर सकता है। इस विधि को कृत्रिम प्लेनेरिया में पुनरुद्भवन कायिक प्रवर्धन कहते हैं जैसे आम, सेब इत्यादि।
