यदि कोई वस्तु स्थिर हो या एकसमान वेग से चल रही हो, तो वह उस समय तक स्थिर रहेगी अथवा एकसमान गति से चलती रहेगी जब तक उसपर कोई असंतलित बल कार्य न करे।
इसे हम तीन भागों में बाँट सकते हैं।
(i) यदि वस्तु स्थिर है तो वह स्थिर रहती है।
(ii) यदि वस्तु किसी निश्चित वेग से चल रही होती है तो वह उसी वेग से चलती रहेगी।
(iii) यदि वस्तु पर बल लगाया जाए तो उसका वेग बदल जाएगा, अर्थात् वस्तु त्वरित हो जाएगी।
उदाहरण (a) एक व्यक्ति घोड़ा पर सवार है। अगर घोडा अकस्मात दौड जाता है तो वह व्यक्ति या तो पीछे की ओर गिर जाता है या झुक जाता है।
उदाहरण (b) किसी स्थान पर रखी हुई पुस्तक उसी स्थान पर पड़ी रहती है, जब तक कोई व्यक्ति उसपर कोई बाह्य बल लगाकर स्थानान्तरित नहीं कर दे।
उदाहरण (c) एक ग्लास के ऊपर एक पोस्टकार्ड रखा है। उस कार्ड पर एक सिक्का इस प्रकार रखा गया है कि वह बीच में रहे, यानी ग्लास की परिधि में। कार्ड को एकाएक झटका देने पर यह ग्लास से दूर चला जाता है, तथा सिक्का ग्लास में गिर जाता है। यहाँ ऐसा इसलिए होता है कि सिक्का स्थिर रहना चाहता है, इसलिए कार्ड के गतिशील होने पर भी वह आगे बढ़कर ग्लास के भीतर अपने स्थान से नीचे गिर जाता है।