स्वतंत्रतापूर्वक गिरते हुये किसी वस्तु पर गुरुत्व बल के कारण जो त्वरण उत्पन्न होता है उसे गुरुत्वीय त्वरण कहते हैं। इसे संकेत g से व्यक्त किया जाता है। इसी त्वरण के कारण पृथ्वी की सतह से ऊपर की ओर फेंकी गयी वस्तु के वेग में कमी और नीचे आती हुयी वस्तु के वेग में वृद्धि होती है, गुरुत्वीय त्वरण का मान पृथ्वी के द्रव्यमान तथा पृथ्वी के केंद्र से वस्तु की दूरी पर निर्भर करता है। यह वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता सभी वस्तुयें (भारी अथवा हल्की ) समान त्वरण से पृथ्वी की ओर गिरती है। इसका संख्यात्मक मान `9.8 m//s^2` है।
गुरुत्वीय त्वरण के मान में निम्नलिखित कारणों से परिवर्तन होता है
चित्र: g के मान परऊँचाई का प्रभाव
(a) ऊंचाई का प्रभाव- पृथ्वी की सतह से ऊँचाई पर स्थित कण (चित्र से) की पृथ्वी के केंद्र से दूरी r= R+ h होगी।
यदि कण का द्रव्यमान m हो तो उसपर गुरुत्व बल
`F=G(Mm)/((R+h)^2)`
यदि h ऊँचाई पर गुरुत्वीय त्वरण का मान g. हो तो
`F = mg.`
`:. mg.=G(Mm)/((R+h)^2)`
या, `mg.=G(Mm)/((R+h)^2)` ...(i)
समीकरण (1) से स्पष्ट है कि ऊँचाई h का मान बढ़ने से g का मान घटता जाता है। परन्तु यदि का मान कुछ किलोमीटर भी हो तो चूँकि यह पृथ्वी की त्रिज्या R(= 6400 km) की तुलना में नगण्य है। g. का मान लगभग वही होगा जो पृथ्वी के सतह पर है, अर्थात् `g.~~g` (लगभग)।
(b) पृथ्वी के आकार (shape) का प्रभाव-पृथ्वी की सतह पर भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने पर गुरुत्वीय त्वरण के मान में परिवर्तन होता है। प्रयोगों द्वारा पाया गया है कि गुरुत्वीय त्वरण का मान ध्रुवों (Poles) पर लगभग `9.83 m//s^2` होता है तथा भूमध्य रेखा (Equator) पर इसका मान लगभग `9.78m//s^2` होता है। इस
परिवर्तन का कारण यह है कि पृथ्वी पूर्ण रूप से गोलाकार नहीं है। ध्रुवों पर यह चिपटी है तथा भूमध्य रेखा पर उभरी है (चित्र से)। पृथ्वी की ध्रुवीय त्रिज्या `1/2 N_s = R_p (= 6357 km)` से भूमध्यरेखीय त्रिज्या `1/2 AB = R_e (=6378 km)` के लगभग 21km अधिक होती है।
गुरुत्वीय त्वरण का समीकरण इस प्रकार है
F = mg
अतः `mg = G(Mm)/(R^2)`
या, `mg = G(Mm)/(R^2)`
उपरोक्त समीकरण के अनुसार,
`g_p=(GM)/(R_p^2) " और " g_e=(GM)/(R_e^2)`
चूंकि `R_p lt R_e` अत: ऊपर के समीकरणों से स्पष्ट है कि `g_p gt g_e` होगा।
अत: g का मान ध्रुवों पर अधिकतम तथा भूमध्य रेखा पर न्यूनतम होता है।
चित्र:पृथ्वी पूर्ण रूप से गोलाकार नहीं है।