कनुप्रिया. के रचनाकार धर्मवीर भारती हैं। यह एक खण्डकाव्य है, जिसका प्रथम संस्करण वर्ष 1959 में प्रकाशित हआ। अब तक इसके दस से अधिक संस्करण प्रकाशित हो । चुके हैं। इस रचना में धर्मवीर भारती ने नारी के अन्तर्मन की एक-एक परत खोलकर रख दी है। इसमें नारी के मन की संवेदनाओं और प्यार के नैसर्गिक सौन्दर्य का अप्रतिम चित्रण हुआ है।