Home
Class 14
HINDI
स्प्ष्टता, आत्मविश्वास, विषय की अच्छी पक...

स्प्ष्टता, आत्मविश्वास, विषय की अच्छी पकड़ और प्रभावशाली भाषा में अपने विचारो और भावनाओ को व्यक्त करना ही सम्प्रेषण -कला है, जो निरंतर आभास से निखारी जा सकती है। इक दिन में कोई-अच्छा वक्त नहीं बन सकता तथा भाषा पर अनायास ही किसी की पकड़ नहीं हो पाती। इसी अभ्यास से स्वामी विवेकानंद ने जिस सम्प्रेषण-कला का विकास किया था , उसने विश्व्धर्म-सम्मेलन में लाखो अमेरिका-निवासियों को चकित और मोहित कर दिया था।
सम्प्रेषण -कला का विकास किससे होता है ?

A

अनायास

B

अभ्यास

C

भाषण

D

विषय की अच्छी पकड़

Text Solution

Verified by Experts

The correct Answer is:
B

गंधश में स्पष्ट: बताया गया है कि सम्प्रेषण कला निरंतर अभ्यास से निखारी जा सकती है। अंत: कह सकते है कि सम्प्रेषण कला का विकास अभ्यास से होता है।
Promotional Banner