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Class 12
PHYSICS
कथन I : औसत द्रव्यमान संख्याओं के लिए प्...

कथन I : औसत द्रव्यमान संख्याओं के लिए प्रति न्यूक्‍लिऑन बंधन ऊर्जा का मान नियत रहता है।
कथन II : नाभिकीय बल लघु परासी बल होते हैं अत3 एक माध्यम या और बड़े नाभिक के लिए संतृप्त हो जाते हैं।

A

कथन I तथा कथन II दोनों सत्य हैं तथा कथन I, कथन II की सत्य व्याख्या करता है।

B

कथन I तथा कथन II दोनों सत्य हैं लेकिन कथन I, कथन II की सत्य व्याख्या नहीं करता है

C

कथन I सत्य है लेकिन कथन II असत्य है

D

कथन I असत्य है लेकिन कथन II सत्य है।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
A

`30lt Alt170` के परास में बंधन ऊर्जा की अचरता इस तथ्य का परिणाम है कि नाभिकीय बल लघु परासी बल होते है। बड़े नाभिक के भीतर स्थित किसी न्यूक्‍लिऑन पर चिार कीजिए। यह अपने निकटवर्ती न्यूक्‍लिऑनों से प्रभावित हेागा जो इसके नाभिकीय बल के परिसर में आते है। यदि कोई अन्य न्यूक्‍लिऑन इस विशिष्ट न्यूक्‍लिऑन के नाभिकीय बल के परिसर से अधिक दूरी पर है तो यह विचाराधीन नाभिक की बंधन ऊर्जा को तनिक भी प्रभावित नहीं करेगा।
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