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Class 11
PHYSICS
प्रतिबल तथा विकृति के मध्य आरेख बनाया गय...

प्रतिबल तथा विकृति के मध्य आरेख बनाया गया है (प्रतिबल =आरोपित बल का परिमाण ) एक धातु के लिए आदर्श आरेख चित्र में दर्शाया गया है सम्पीडयता व अपरूपण प्रतिबल के लिये अनुरूप आरेख प्राप्त हो सकते है प्रतिबल -विकृति वक्र एक पदार्थ से दूसरे पदार्थ के लिए परिवर्तित होता रहता है ( पदार्थो के लिए ) ये वक्र हमें यह समझने में सहायता प्रदान करते है की किस प्रकार एक दिया गया पदार्थ भार बढ़ाने पर विरूपित होता है ?

कथन I B तथा D के मध्य बिंदु C पर निकाय अपनी वास्तविक स्थिति को प्राप्त नहीं कर पाटा है यहाँ प्रतिबल तो शून्य है किन्तु विकृति शून्य नहीं है
कथन II यह स्थायी विरूपण पदार्थ के प्लास्टिक व्यवहार होने के कारण होती है

A

कथन I व कथन II सत्य है तथा कथन II कथन I के सत्य व्याख्या करता है

B

कथन I व कथन II सत्य है तथा कथन II,कथन I की सत्य व्याख्या नहीं करता है

C

कथन I सत्य है , परन्तु कथन II असत्य है

D

कथन II असत्य है , परन्तु कथन I सत्य है

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
A

यदि भार को और बढ़ाया जाता है तो उत्पन्न विकृति परावभव बिंदु को पार कर जाती है और विकृति में अल्प परिवर्तन के लिए प्रतिबल तीव्रता से बढ़ता है वक्र में और के मध्य भाग इस तथ्य को प्रदर्शित करता है। जब भार को हटा दिया जाता है तो तथा के मध्य बिंदु पर वस्तु अपनी आकृति पुनः प्राप्त नहीं कर इस स्थिति में जब प्रतिबल शून्य होता है तो विकृति शून्य नहीं होती है वस्तु स्थायी रूप विकृत हो जाती है इस विकृत को प्लास्टिक विकृति कहते है।
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