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Class 11
PHYSICS
अक्ष के अनुदिस गति करने के लिए स्वतंत्र ...

अक्ष के अनुदिस गति करने के लिए स्वतंत्र कण की स्थितिज ऊर्जा सीमाओं `-oolexleoo` के अंतर्गत `U(x)=k[1-e^(-x^2]]` द्वारा दी जाती है जहाँ उपयुक्त विमाओ वाला धन-नियतांक है तब

A

मूलबिन्दु से दूर स्थित बिन्दुओं पर कण साम्यावस्था में है

B

x के अशून्य मान के लिए, मूलबिन्दु से दूसरी ओर एक बल लगता है

C

इसकी कुल यान्त्रिक ऊर्जा में है एवं यह मूलबिन्दु पर इसकी गतिज ऊर्जा के बराबर है

D

कण की गति.सरल आवर्त है

लिखित उत्तर

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The correct Answer is:
D

यदि किसी पिण्ड पर कार्यरत् बल यदि केवल स्थिति का फलन हो, तो यह संरक्षी बल कहलाता है जो स्थितिज ऊर्जा के प्रथम अवकलनीय स्थिति को सन्तुष्ट करता है।
`F(x) =-(dU)/(dx)`
दिया गया है,`U(x) = k[1-"exp"(-x^2)]`
यहाँ स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन केवल प्रारम्भिक व अन्तिम स्थिति पर निर्भर है, अतः कण संरक्षी बल के प्रभाव में है।
`:. F=-(dU)/(dx)=-2kxexp(-x^2)`
x = 0 पर F = 0
अत: साम्यावस्था में, कण पर आरोपित बल शून्य है।
x = 0 पर स्थितिज ऊर्जा न्यूनतम व `x= pmoo` पर स्थितिज ऊर्जा अधिकतम है। अतः कण की गति सरल आवर्त गति है, क्योंकि कण पर बल आरोपित है।
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