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Class 12
BIOLOGY
हरितलवक व माइटोकॉण्ड्रिया दोनों में ATP ...

हरितलवक व माइटोकॉण्ड्रिया दोनों में ATP निर्माण की क्रियाविधि की व्याख्या की जा सकती है?

A

गोडलेवस्की के रिले पम्प मत द्वारा

B

मुन्च के दाब/द्रव्यमान प्रवाह प्रारूप द्वारा

C

मिशेल के कीमोऑस्मोटिक मत द्वारा

D

कॉलोडी-वेन्ट प्रारूप द्वारा

लिखित उत्तर

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The correct Answer is:
C

हरितलवक व माइटोकॉण्ड्रिया दोनों में ATP निर्माण की क्रियाविधि मिशेल के कीमोऑस्मोटिक मत द्वारा व्याख्यायित की जा सकती हैI
ऑक्सीकरणी फॉस्फोरिलेशन की रसोपरासरणी युगलन परिकल्पना में प्रस्तावित किया गया, कि ATP का निर्माण, भाइटोकॉण्डिया की आन्तरिक झिल्ली के आर-पार प्रोटॉन प्रवणता उत्पन्न होने से होता हैI
पीटर मिचेल (Peter Mitchell) ने ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलेशन द्वारा ATP संश्लेषण की सर्वाधिक मान्य रसोपरासरणी परिकल्पना प्रतिपादित कीI इसके अनुसार जब प्रोटॉन प्रवणता उत्पन्न होती है, तो माइटोकॉण्डिया की आन्तरिक झिल्ली पर उपस्थित `F_(0)-F_(1)` कण के `F_(1)` सिरे में उपस्थित ATPase एन्जाइम ATP संश्लेषण के लिए सक्रिय हो जाता है एवं `NADH_(2)` से निकले दो इलेक्ट्रॉन तीन जोड़ी प्रोटॉनों को मैट्रिक्स से बाहरी भाग में भेज देते हैंI इन प्रोटॉनों के कारण प्रोटॉन मोटिव बल (प्रवणता) उत्पन्न होता है, जिसके कारण ये वापिस मैट्रिक्स में पहुंचते हैंI इस स्थानान्तरण से `F_(1)` सिरे में उपस्थित ATPase सक्रिय होकर ADP + PI से ATP बनाता हैI
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