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Class 12
BIOLOGY
मानव के वृक्कों द्वारा उत्सर्जन सम्बन्ध ...

मानव के वृक्कों द्वारा उत्सर्जन सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है ?

A

हेनले के लूप की अवरोही शाखा जल के लिए अपारगम्य होती है।

B

दूरस्थ कुण्डलित नलिका HCO का पुनरावशोषण करने में असक्षम होती है

C

ग्लोमेरुलर निस्यन्द का लगभग 99% भाग वृक्क नलिकाओं द्वारा पुनरावशोषित हो जाता है।

D

हेनले के लूप की आरोही शाखा वैद्युत अपघट्यों के प्रति अपारगम्य होती है।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
C

ग्लोमेरुलर निस्यन्द का लगभग 99% भाग वृक्क नलिकाओं द्वारा पुनरावशोषित हो जाता है। ग्लोमेरुलर केशिकाओं से बोमेन सम्पुट में छनकर आने वाला प्लाज्मा तरल ग्लोमेरुलर निस्यन्द (Glomerular filtrate) कहलाता है। निस्यन्द के वृक्क नलिकाओं द्वारा पुनरावशोषित होने की प्रक्रिया को पुनरावशोषण (Reabsorption) कहते हैं। मानव द्वारा प्रतिदिन उत्पन्न निस्यन्द (180 लीटर/दिन) तथा निर्गत मूत्र 1.5 लीटर होता है।
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