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Class 11
BIOLOGY
द्विबीजपत्री तने में द्वितीयक जाइलम और फ...

द्विबीजपत्री तने में द्वितीयक जाइलम और फ्लोएम किससे उत्पन्न होते है?

A

कागजन

B

संवहन एधा

C

शीर्षस्थ विभज्या

D

कक्षीय विभज्या

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
B

द्वितीयक संवहन ऊतक, जैसे-द्वितीयक जाइलम व फ्लोएम का निर्माण संवहन एघा के द्वारा होता है। ये दो प्रकार के विभज्योतक अन्तःपूलीय (interfasicular) व अन्तरपूलीय (intrafasicular) एघा, द्वारा होता है। अन्तरपूलीय एधा प्राथमिक एधा होती है, जो संवहन पूल में पट्टी के रूप में स्थित होते हैं। इनके विभाजन से बाहर की ओर द्वितीयक फ्लोएम व अन्दर की ओर द्वितीयक जाइलम का निर्माण होता है। अन्त:पूलीय एधा को उत्पत्ति मज्जा किरणों से होती है।
कागजन (phellogen) या काग एधा (cork cambium) का निर्माण द्विबीजपत्री तनों में बाह्य वल्कुटीय कोशिकओं में होता है। यह पादप के व्यास में वृद्धि में सहायक होते हैं। शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical meristem) तनों, जड़ों व उनकी शाखाओं के शीर्ष पर पाए जाते हैं। ये पादप की लम्बाई में वृद्धि में सहायक होती है। कक्षीय विभज्योतक (Axillary meristem) पार्श्व कलिकाओं पर पाई जाती है। ये कोशिकाएँ शीर्षस्थ विभज्योतक द्वारा पत्तियों के निर्माण व तनों के विकास के समय पीछे छोड़ी हुई कोशिकाएँ होती है।
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