Home
Class 14
HINDI
बारिश के लिहाज से वह साल ठन-ठन गोपाल था।...

बारिश के लिहाज से वह साल ठन-ठन गोपाल था। खेतों में जैसे-तैसे धान रोप दिया गया था, लेकिन तेज धूप ने उसे झुलसा डाला था। सावन सिर पर था और बादल लापता, कि तभी एक उमसती हुई रात में बिजली कड़कने से नींद खुली। थोड़ी देर में झींसियाँ पड़ने लगीं। चारपाइयाँ आँगन से उठाकर भीतर कर ली । गईं, लेकिन हवा गुम थी और गर्मी ज्यों-की-त्यों, लिहाजा वह रात रतजगे में ही गई। सुबह हुई तो लोग धान बच जाने को लेकर ऊपर वाले को शुक्रिया अदा करते दिखे। बरसात रात वाली रफ्तार से ही जारी थी। न उससे धीमी, न तेज। आसमान समतल और तकरीबन सफेद था | बादल बीच-बीच में जरा-से गुर्राकर खामोश हो जा रहे थे। स्कूल का टाइम हुआ तो हम जैसे ढीलों ने इकतरफा तौर पर 'रेनी डे' मनाने का फैसला किया, जबकि पढ़ाकुओं ने बस्ता लादा और सुपरिचित रास्ते पर बढ़ चले। थके-हारे पढ़वैये शाम को लौटे तो उनकी हालत कटे खेत में पानी भरने पर भागे चूहों जैसी थी। बारिश से बुरी तरह ऊबकर हम सोए, इस उम्मीद में कि कल नीला आकाश देखने को मिलेगा।
“सावन सिर पर था और बादल लापता।" वाक्य है

A

मिश्र

B

संयुक्त

C

संकेतवाचक

D

सरल

Text Solution

Verified by Experts

The correct Answer is:
B

वे वाक्य, जिनमें एक से अधिक प्रधान उपवाक्य हों तथा वे संयोजक अव्ययों द्वारा जुड़े हों, संयुक्त वाक्य कहलाते हैं। ये वाक्य .और, इसीलिए, परन्तु, या. आदि संयोजक अव्ययों से जुड़े होते हैं। अतः सावन सिर पर था और बादल लापता में .और. संयोजक अव्यय का प्रयोग किया गया है, यहाँ संगुका वाला है।
Promotional Banner