Home
Class 14
HINDI
मन मोहनी प्रकृति की गोद में जो बसा है। म...

मन मोहनी प्रकृति की गोद में जो बसा है। मुखस्वर्ग हाँ है वह देश कौन सा है। जिसका चरण निरन्तर रतनेश धो रहा है। जिसका मुकुट हिमालय वह देश कौन सा है। नदियाँ जहाँ सुधा की धारा बहा रही है। सींचा हुआ सलोना वह देश कौन सा है। जिसके बड़े रसीले फल कन्द नाव मे सम अंग में सजे है वह देश कौन सा है। जिसमें सुगन्ध वाले सुन्दर प्रसून प्यारे दिन रात हँस रहे हैं वह देश कौन सा है।
यह कविता है

A

शृंगार से सम्बन्धित

B

करुणा से युक्त

C

निवेद भाव से मुक्त

D

देशभक्ति से सम्बन्धित

Text Solution

Verified by Experts

The correct Answer is:
D

प्रस्तुत कि देशभक्ति से सम्बन्धित है।
Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 21 मन मोहनी प्रकृति की गोद में जो बसा है। सुख स्वर्ग-सा जहाँ है वह देश कौन-सा है। जिसका चरण निरन्तर रतनेश धो रहा है। जिसका मुकुट हिमालय वह देश कौन-सा है।। नदियाँ जहाँ सुधा की धारा बहा रही हैं। सींचा हुआ सलोना वह देश कौन-सा है।। " " रामनरेश त्रिपाठी जिसके बड़े रसीले फल कन्द नाज मेवे। सब अंग में सजे हैं वह देश कौन-सा है।। यहाँ 'सब अंग में सजे हैं' का आशय है

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 21 मन मोहनी प्रकृति की गोद में जो बसा है। सुख स्वर्ग-सा जहाँ है वह देश कौन-सा है। जिसका चरण निरन्तर रतनेश धो रहा है। जिसका मुकुट हिमालय वह देश कौन-सा है।। नदियाँ जहाँ सुधा की धारा बहा रही हैं। सींचा हुआ सलोना वह देश कौन-सा है।। " " रामनरेश त्रिपाठी जिसके बड़े रसीले फल कन्द नाज मेवे। सब अंग में सजे हैं वह देश कौन-सा है।। मन मोहनी प्रकृति है

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 21 मन मोहनी प्रकृति की गोद में जो बसा है। सुख स्वर्ग-सा जहाँ है वह देश कौन-सा है। जिसका चरण निरन्तर रतनेश धो रहा है। जिसका मुकुट हिमालय वह देश कौन-सा है।। नदियाँ जहाँ सुधा की धारा बहा रही हैं। सींचा हुआ सलोना वह देश कौन-सा है।। " " रामनरेश त्रिपाठी जिसके बड़े रसीले फल कन्द नाज मेवे। सब अंग में सजे हैं वह देश कौन-सा है।। 'रसीले' में प्रत्यय है

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 21 मन मोहनी प्रकृति की गोद में जो बसा है। सुख स्वर्ग-सा जहाँ है वह देश कौन-सा है। जिसका चरण निरन्तर रतनेश धो रहा है। जिसका मुकुट हिमालय वह देश कौन-सा है।। नदियाँ जहाँ सुधा की धारा बहा रही हैं। सींचा हुआ सलोना वह देश कौन-सा है।। " " रामनरेश त्रिपाठी जिसके बड़े रसीले फल कन्द नाज मेवे। सब अंग में सजे हैं वह देश कौन-सा है।। कवि के अनुसार 'रतनेश' किसको कहा गया है?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 21 मन मोहनी प्रकृति की गोद में जो बसा है। सुख स्वर्ग-सा जहाँ है वह देश कौन-सा है। जिसका चरण निरन्तर रतनेश धो रहा है। जिसका मुकुट हिमालय वह देश कौन-सा है।। नदियाँ जहाँ सुधा की धारा बहा रही हैं। सींचा हुआ सलोना वह देश कौन-सा है।। " " रामनरेश त्रिपाठी जिसके बड़े रसीले फल कन्द नाज मेवे। सब अंग में सजे हैं वह देश कौन-सा है।। 'सुधा' शब्द का पर्यायवाची है

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 21 मन मोहनी प्रकृति की गोद में जो बसा है। सुख स्वर्ग-सा जहाँ है वह देश कौन-सा है। जिसका चरण निरन्तर रतनेश धो रहा है। जिसका मुकुट हिमालय वह देश कौन-सा है।। नदियाँ जहाँ सुधा की धारा बहा रही हैं। सींचा हुआ सलोना वह देश कौन-सा है।। " " रामनरेश त्रिपाठी जिसके बड़े रसीले फल कन्द नाज मेवे। सब अंग में सजे हैं वह देश कौन-सा है।। मुकुटरूपी क्या है?