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BIOLOGY
लक्षणों के चुनाव से हम पौधों की नई किस्म...

लक्षणों के चुनाव से हम पौधों की नई किस्म कैसे प्राप्त करेंगे?

लिखित उत्तर

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मेण्डल ने अपने प्रयोग में अलग-अलग लक्षणों वाले दो पौधों शुद्ध बैंगनी और शुद्ध सफेद फूल वाले पौधे के बीज बोएँ और उनमें पर परागण करवाया। इस तरह से जो संकर बीज बने, उन्हें बोने पर जो पौधे बने उन सब में बैंगनी फूल लगे। इस प्रयोग को कई पीढ़ियों तक करने पर हर पीढ़ी में उन्होंने शुद्ध और संकर पौधों की संख्या में एक निश्चित अनुपात पाया तथा हर पीढी में पौधों की नई किस्म को प्राप्त किया। इस तरह मेण्डल के उपरोक्त विधि का अनुसरण करके अलग-अलग लक्षणों वाली दो पौधों का चुनाव कर उनमें संकरण कराकर हम भी पौधों की नई किस्म प्राप्त कर सकते हैं।
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NAVBODH-आनुवंशिकी - जनकों से संतानों तक -अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
  1. लक्षणों के चुनाव से हम पौधों की नई किस्म कैसे प्राप्त करेंगे?

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  2. आनुवंशिकी का जनक किसे कहा जाता है?

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  3. प्रभावी एवं अप्रभावी लक्षण से क्या समझते हैं?

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  4. प्रभावी एवं अप्रभावी लक्षण क्या है ? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

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  7. मेण्डल के आनुवंशिकता के नियमों को उदाहरण सहित समझाइए।

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  9. मेण्डल के नियमों का महत्व बताइये।

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  10. मेण्डल के द्वारा किए गए प्रयोग में विपरीत लक्षणों से उत्पन्न पहली पीढ़...

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