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BIOLOGY
मनुष्य में लिंग निर्धारण की प्रक्रिया को...

मनुष्य में लिंग निर्धारण की प्रक्रिया को सचित्र समझाइये।

लिखित उत्तर

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मनुष्य में लिंग निर्धारण एक जोड़ी कारकों से होता है-मादा में XX, नर में XY । शुक्राणुओं और अण्डाणुओं में गुणसूत्रों की संख्या आधी होती है। जब माता का अण्डा तथा पिता का शुक्राणु परस्पर मिलते हैं तब युग्मनज बनता है, जिसमें गुणसूत्रों की संख्या दुगुनी हो जाती है। फिर से द्विगुणित संख्या हो जाती है। इससे संतति बनती है जिसका लिंग इस पर निर्भर है, कि उसमें दोनों X हैं या एक X और एक Y है। अगर दोनों X हैं, तो मादा बनती है और एक Y एक X गुणसूत्र वाले युग्मनजों से नर बनता है।

चित्र से स्पष्ट है कि नर व मादा बनने की संभावना हर जोड़े के लिये 50% है यानी व्यक्ति का लिंग नर या मादा होना पूर्णत: एक संयोग की बात है। उसके लिये न तो माँ और न ही पिता जिम्मेदार है।
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