(1) ताप में वृद्धि-जब किसी वस्तु को गर्म किया जाता है तो वह ऊष्मा को अवशोषित करती है, जिसके कारण उसका ताप बढ़ जाता है। भिन्न-भिन्न द्रव्यमान रखने वाले वस्तुओं को अलग-अलग ऊष्मा दी जाती है यदि वस्तु का द्रव्यमान m तथा उसे दी गयी ऊष्मा Q हो, तो -
(i) वस्तु के द्रव्यमान m पर,
`Q prop m" " ...(i)`
(ii) वस्तु के ताप में हुए परिवर्तन `(DeltaT)` पर,
`Q prop DeltaP " "...(ii)`
(iii) वस्तु के पदार्थ की प्रकृति पर।
अर्थात्, `Q prop m.DeltaT`
अतः `Q=m.S.DeltaT " "...(iii)`
जहाँ S एक समानुपाती नियतांक है, जिसका मान वस्तु की प्रकृति पर निर्भर करता है। इसे वस्तु की विशिष्ट ऊष्मा कहते हैं।
`S=Q//m.DeltaT" " ...(iv)`
(2) ऊष्मीय प्रसार-सामान्यतः किसी पदार्थ को ऊष्मा देने पर पदार्थ का आयतन बढ़ता है, क्योंकि ऊष्मीय प्रसार होता है। प्रत्येक पदार्थ चाहे वह ठोस, द्रव अथवा गैस हो, गर्म करने पर उसमें ऊष्मा का प्रसार होता है, उसे ऊष्मीय प्रसार कहते हैं।
ठोस पदार्थ में ऊष्मीय प्रसार-ठोस पदार्थ को गर्म करने पर उसकी लम्बाई, क्षेत्रफल तथा आयतन में वृद्धि होती है, जबकि द्रव्य को गर्म करने पर केवल उसका आयतन बढ़ता है। ठोसों में ऊष्मीय प्रसार तीन प्रकार के होते हैं -
(i) रेखीय प्रसार गुणांक-यदि पदार्थ को गर्म करने पर केवल लम्बाई में वृद्धि हो तो उसे रेखीय प्रसार गुणांक कहते हैं। इसे `(alpha)` द्वारा प्रदर्शित किया जाता है,
रेखीय प्रसार गुणांक `(alpha)=("लंबाई में वृद्धि")/("प्रारंभिक लंबाइ" xx "ताप वृद्धि")`
`rArr alpha=(DeltaL)/(L xx DeltaT)`
अर्थात् `DeltaL=alpha(L xx DeltaT)`
लंबाई में वृद्धि = गुणांक `xx` (प्रारंभिक लम्बाई `xx` ताप वृद्धि)
`alpha` का मात्रक .प्रति डिग्री सेल्सियस. होता है।
(ii) क्षेत्रीय प्रसार गुणांक-यदि पदार्थ को गर्म करने पर उसके क्षेत्रफल में वृद्धि हो तो उसे क्षेत्रीय प्रसार गुणांक कहते हैं। इसे `beta` (बीटा) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
क्षेत्रीय प्रसार गुणांक `(beta)`
`= ("क्षेत्रफल में वृद्धि")/(" प्रारंभिक क्षेत्रफल" xx "ताप में वृद्धि")`
`rArr beta=(DeltaA)/(A xx DeltaT)` या `DeltaA= beta(A xx DeltaT)`
क्षेत्रफल में वृद्धि = क्षेत्रीय प्रसार गुणांक `xx` (प्रारंभिक क्षेत्र `xx` ताप में वृद्धि)
`beta` का मात्रक प्रति `""^(@)C` होता है।
क्षेत्रीय प्रसार गुणांक, रेखीय प्रसार गुणांक के दुगुना होता है। अर्थात्
`beta=2alpha`
(iii) आयतन प्रसार गुणांक-यदि पदार्थ को गर्म करने पर उसके आयतन में वृद्धि होती हो तो उसे आयतन प्रसार गुणांक कहते हैं। इसे `gamma`(गामा) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
आयतन प्रसार गुणांक `(gamma)`
`=("आयतन में वृद्धि")/("प्रारम्भिक आयतन" xx "ताप में वृद्धि")`
`rArr gamma=(DeltaV)/(V xx DeltaT)`
`rArr DeltaV= gamma(V xx DeltaT)`
आयतन में वृद्धि = आयतन प्रसार गुणांक `xx` (प्रारंभिक आयतन `xx` ताप में वृद्धि)
`gamma` का मात्रक भी `""^(@)C` (सेल्सियस) होता है।