डिस्लेक्सिया (पठनवैफल्य) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें बच्चे पढ़ना, लिखना और शब्दों को बोल पाने में कठिनाई महसूस करते हैं। यह तीन तरह का होता है। डिस्लेक्सिया के प्रथम चरण में बच्चे अक्षर और संख्या की पहचान करना, पढ़ना, मापना, समय देखना और अन्य गतिविधियाँ नहीं कर पाते हैं। डिस्लेक्सिया के दूसरे चरण में भ्रूणावस्था से ही बच्चों का मस्तिष्क विकसित नहीं होता है। इसमें बच्चों को शब्दों की पहचान करने और उसका उच्चारण करने में परेशानी होती है। तीसरे प्रकार की डिस्लेक्सिया में बच्चे मस्तिष्क में चोट के कारण शब्दों को सुन नहीं पाते, जिससे उन्हें शब्दों का उच्चारण करने और उसे पढ़ने में परेशानी होती है।