पाठ्य-सहगामी क्रियाएँ विद्यालय पाठ्यक्रम का महत्त्वपूर्ण भाग होती हैं, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास से सम्बन्धित होती हैं। पाठ्य-सहगामी क्रियाएँ स्कूल के नियमित समय अन्तराल पर आयोजित की जाती हैं। इसके प्रमुख उदाहरण- खेल, संगीत, नाटक, निबन्ध एवं कहानी लेखन प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता एवं कला आदि हैं।