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Class 14
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श्री गुरु चरण सरोज रज , निज मन म...

श्री गुरु चरण सरोज रज , निज मन मुकुर सुधार बरनौं रघुवर विमल जसु जो दायक फल चार।। में छंद है

A

दोहाः

B

सोरठा

C

रोला

D

बरवै

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
A

दोहा - यह अर्द्धसमात्रिक छंद है। इसमें 24 मात्राएँ होती हैं। इसके विषम चरण (प्रथम व् तृतीय ) में 13-13 तथा सम चरण (द्वितीय व् चतुर्थ ) में 11-11 मात्राएँ होती है। जैसे -

श्री गुरु चरन सरोज रज निज मन मुकुर सुधार।

बरनौं रघुवर विमल जस , जो दायक फल चार। |
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