भाषा के चार कौशल हैं - श्रवण कौशल (सुनना), पठन कौशल (पढ़ना), मौखिक अभिव्यक्ति कौशल (बोलना) एवं लेखन कौशल (लिखना)। प्रथम दो कौशल ग्राह्यात्मक कौशल एवं अन्तिम दो कौशल अभिव्यक्तात्मक कौशल हैं। सुनकर एवं पढ़कर अर्थ ग्रहण किया जाता है, जबकि बोलना एवं लिखना अभिव्यक्ति में सहायक हैं। भाषा के ये चारों कौशल परस्पर अन्तःसम्बन्धित हैं।