अब न गहरी नींद में तुम सो सकोगे, गीत गाकर मैं जगाने आ रहा हूँ। अतल अस्ताचल तुम्हें जाने न दूंगा, अरुण उदयाचल सजाने आ रहा हूँ। कल्पना में आज तक उड़ते रहे तुम, साधना से सिहरकर मुड़ते रहे तुम। अब तुम्हें आकाश में उड़ने न दूंगा, आज धरती पर बसाने आ रहा हूँ। कवि किस तरह के व्यक्तियों को सम्बोधित कर रहा है ?
A
जो आकाश की ऊँचाइयों को छूना चाहते हैं
B
तो अत्यधिक प्रेरित है
C
जो बहुत परिश्रमी है
D
जो जीवन की कठोर वास्तविकताओं से बेखबर हैं
लिखित उत्तर
Verified by Experts
The correct Answer is:
D
कवि उन व्यक्तियों को सम्बोधित कर रहा है, जो जीवन की कठोर वास्तविकताओं से बेखबर हैं।