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हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, ...

हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार,
नदियाँ, पर्वत, हवा, पेड़ से आती है बहारI
बचपन, कोमल तन-मन लेकर,
आए अनुपम जीवन लेकर,
जग से तुम और तुमसे है प्यारा संसार,
हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार,
बूंद-लताएँ, पौधे, डाली
चारों ओर भरे हरियाली
मन में जगे उमंग यही है सृष्टि का उपहार,
हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार,
मुश्किल से मिलता है जीवन,
हम सब इसे बनाएँ चन्दन
पर्यावरण सुरक्षित न हो तो है सब बेकार
हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार
'जग से तुम और तुम से है प्यारा संसार' पंक्ति के माध्यम से कवि कहना चाहता है कि

A

संसार का अस्तित्व व्यक्तियों से स्वतन्त्र है

B

व्यक्ति और संसार दोनों का अस्तित्व एक-दूसरे पर निर्भर करता है

C

संसार चलाने के लिए व्यक्तियों की आवश्यकता होती है

D

व्यक्ति का अस्तित्व संसार से स्वतन्त्र है

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
B

दी गई पंक्ति जग से तुम और तुम से है प्यारा संसार. के माध्यम से कवि कहना चाहता है कि .व्यक्ति और संसार-दोनों का अस्तित्त्व एक-दूसरे पर निर्भर करता है।
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