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Class 14
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रीतिरात्मा काव्यस्य' उक्ति किस आचार्य की...

रीतिरात्मा काव्यस्य' उक्ति किस आचार्य की है ?

A

वामन

B

भामह

C

मम्मट

D

दण्डी

लिखित उत्तर

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The correct Answer is:
A

.रीतिरात्मा काव्य्स्थ. उक्ति .आचार्य. वामन की है। उनके अनुसार काव्य का नित्य धर्म माधुर्य, प्रसाद और ओज आदि गुण ही है तथा इन्ही गुणों पर आधारित रीतियाँ ही काव्य की अंतरात्मा है।
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