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PHYSICS
सरल आवर्त गति कर रहे आवेशित कण का आवर्तक...

सरल आवर्त गति कर रहे आवेशित कण का आवर्तकाल #!#जब आवेशों के मध्य माध्यम भर दिया जाये तब उनके मध्य बल

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Revision|एक समान विद्युत क्षेत्र में आवेशित कण की गति|सरल लोलक पर विद्युत क्षेत्र का प्रभाव|विद्युत बल रेखाएँ|विद्युत फ्लक्स|OMR|Summary

मानव के मर्मस्थल में परोपकार और त्याग जैसे सद्गुणों की जागृति । तभी हो पाती है, जब वह अपने तुच्छ भौतिक जीवन को नगण्य समझकर उत्साह-उमंग के साथ दूसरों की सेवा-सुश्रूषा तथा सत्कार करता है। यह कठोर सत्य है कि हम भौतिक रूप में इस संसार में सीमित अवधि तक ही रहेंगे। हमारी मृत्यु के बाद हमारे निकट संबंधी, मित्र, बंधु-बांधव जीवन भर हमारे लिए शोकाकुल और प्रेमाकुल भी नहीं रहेंगे। दुख मिश्रित इस निर्बल भावना पर विजय पाने के लिए तब हमारे अंतर्मन में एक विचार उठता है कि क्यों न हम अपने सत्कर्मों और सद्गुणों का प्रकाश फैलाकर सदा-सदा के लिए अमर हो जाएँ। सेवक-प्रवृत्ति अपनाकर हम ऐसा अवश्य कर सकते हैं। अपने निःस्वार्थ व्यक्तित्व और परहित कर्मों के बल पर हम हमेशा के लिए मानवीय जीवन हेतु उत्प्रेरणा बन सकते हैं । अनुपम मनुष्य जीवन को सद्गति प्रदान करने के लिए यह विचार नया नहीं है। ऐसे विचार सज्जन मनुष्यों के अंतर्मन में सदा उठते रहे हैं तथा इन्हें अपनाकर वे दुनिया में अमर भी हो गए। इस धरा पर स्थायी रूप में नहीं रहने पर भी ऐसे परहितकारी कालांतर तक पूजे जाते रहेंगे। अमूल्य मनुष्य जीवन की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा यही है। यही सीखकर 'मनुष्य का जीवन आनंदमय और समृद्धिशाली हो सकता है। । ''यदि इस प्रकार मानव जीवन उन्नत होता है तो यह संपूर्ण संसार स्वर्गिक विस्तार ग्रहण कर लेगा। किसी भी मानव को "आध्यात्मिकता का जो अंतिम ज्ञान मिलेगा, वह भी यही शिक्षा देगा कि धर्म-कर्म का उद्देश्य सत्कर्मों और सद्गुणों की ज्योति फैलाना ही है |

Two posts are x meters apart and the height of one is double that of the other. If from the mid-point of the line joining their feet, an observer finds the angle of elevations of their tops to be complementary, then the height (in meters) of the shorter post is दो खंभे एक दूसरे से xमी दूर है तथा एक खंभा दूसरे का दो गुणा था। अगर उनके पायों को जोड़ने वाली रेखा के मध्य बिन्दू पर खड़ा एक प्रेक्षक उनके उन्नयन कोण पूरक पाता तब छोटे खंभे की ऊँचाई बताइये।