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ARIHANT PUBLICATION UP-आवृतबीजियों का वर्गीकरण -अभ्यास प्रश्न
- निम्नलिखित में से किस पादप में, जालिकावत शिराविन्यास, एकलिंगी पुष्प एव...
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- द्विअण्डपी, युक्तांडपी जायांग, चतुर्दीर्घी पुंकेसर एवं सिलिक्वा फल मुख...
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- पेपिलियोनेसी कुल का निम्न में से कौन-सा मुख्य लक्षण है?
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- बहुत पहले पौधों पर सर्वाधिक लिखित कार्य किया था
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- निम्नलिखित में से टैक्सा का कौन-सा सही क्रम है?
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- युक्तपुंकेसरी दशा सामान्य होती है, कुल
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- स्पाइरोसाइक्लिक (हेमीसाइक्लिक), असंख्य स्वतंत्र पुंकेसर एवं मुक्तांडपी...
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- अनिश्चित पुंकेसरों का मिलना प्रमुख लक्षण है, कुल
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- एपीकैलिक्स क्या है?
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- अनावृतबीजियो को द्विबीजपत्रीयो तथा एकबीजपत्रियों के बीच में तृतीय टेक्...
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- रेननकुलेसी कुल के पुंकेसर होते है
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- कुल जो एककोष्ठी परागकोष एवं एकसंघी पुंकेसर प्रदर्शित करता है, होता है
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- निम्नलिखित में से किसमें मुक्तांडपी दशा मिलती है?
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- लेग्यूमिनोसी कुल के सभी उप-कुलो का कौन-सा मुख्य लक्षण है?
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- क्रूसीफेरी को पहचानते है
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- कुकरबिटा जाति में जायांग होता है
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- सोलेनेसी का प्रारूपी पुष्प सूत्र होता है
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- खजूर सम्बन्धित होता है वंश
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- चतुर्दीर्घी पुमंग में होते है
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- तिरछा पट तथा फुला हुआ जरायु, जायांग के प्रमुख लक्षण है
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