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Class 12
BIOLOGY
अधिचर्मी अतिवृद्धियाँ कहलाती है...

अधिचर्मी अतिवृद्धियाँ कहलाती है

A

पत्तियाँ

B

ट्राइकोम्स

C

पुष्प कलिकाएँ

D

रन्ध्र

लिखित उत्तर

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The correct Answer is:
B
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ARIHANT PUBLICATION UP-आवृतबीजियों की आकारिकी तथा जीवन चक्र -अभ्यास प्रश्न
  1. कक्षस्थ कलिकाएँ निकलती है

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  2. पर्णवृन्त, प्रतान (Tendrils) में रूपान्तरित होते हैं।

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  3. अधिचर्मी अतिवृद्धियाँ कहलाती है

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  4. कण्टक एक रूपान्तरित शाखा होती है, क्योकि

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  5. निम्नलिखित में से किसमें अंकुशनुमा आरोही मिलते है?

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  6. पर्णयित वृन्त होता है, एक रूपान्तरित

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  7. कण्टक, काँटे, प्रिकल्स (शिताग्र) पौधे में कार्य करते है

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  8. बिना निषेचन के फल-निर्माण को कहते है -

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  9. पर्ण विन्यास यह है

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  10. एक से अधिक प्रकार की पत्तियों का एक ही पौधे में मिलना कहलाता है

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  11. एक दुर्बल तने वाले पादप पेसीफ्लोरा प्रतान रूपान्तरण है

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  12. बोगेनविलिया सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है

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  13. नागफनी का तना होता है

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  14. पट्टी का मुख्य कार्य होता है

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  15. निम्न में से किसमें नाल चोली अनुपर्ण पाए जाते है?

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  16. समान्तर शिराविन्यास दर्शाने वाली द्विबीजपत्री पत्ती होती है

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  17. निम्न में से किसमें चाल उत्पन्न नहीं होती है?

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  18. लैण्टाना एक उदाहरण है

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  19. निम्न मे से कौन-सी पत्ती का रूपान्तरण है?

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  20. स्वतन्त्र पार्श्व अनुपर्ण पाए जाते है

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