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PHYSICS
कंपन करनेवाले कण के लिए प्रयुक्त कला (ph...

कंपन करनेवाले कण के लिए प्रयुक्त कला (phasi) पद की व्याख्या करें।

लिखित उत्तर

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कला (phase) से कण के कंपन की अवस्था का पता चलता है। किसी क्षण कण की कला एक मानक स्थिति (standard position) के सापेक्ष उस कण की स्थिति और गति की दिशा को कहते हैं। सरल आवर्त गति में कंपन करते हुए कण के लिए प्रायः उसकी माध्य स्थिति (mean position) को ही मानक स्थिति चुना जाता है। बाद के किसी भी क्षण कण की कला की माप (a) उस कोण से की जा सकती है जो निर्देश-वृत्त (circle of reference पर x से चलता हुआ कण वृत्त के केंद्र पर बनाता है।

अथवा, (b) आवर्तकाल T के भिन्न के रूप में उस समय से व्यक्त किया जा सकता है जो x से कण के गुजरने के बाद बीतता है।
अतः, X को मानक स्थिति मानने पर X पर कण की कला शून्य होगी, Y पर कला `(pi)/(2)` या `(T)/(4)` होगी |
एक सरल आवर्त गति, दूसरी सरल आवर्त गति से कितना (कोण या समय में) आगे या पीछे है, इसी को दोनों के बीच कलांतर (phase difference) कहते हैं। दो कण समान कला (same phase) में तब कहे जाते हैं जब वे अपनी मानक स्थितियों को एकसाथ एकही दिशा में पार करें। दो कण विपरीत कला (opposite phase) में तब कहे जाते हैं जब वे अपनी मानक स्थितियों को एकसाथ विपरीत दिशा में पार करें।
सरल आवर्त गति में कंपन करते हुए कण की प्रारंभिक कला (epoch) उस कण की, उस क्षण की कला है जब समय की गणना प्रारंभ की जाती है!
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