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Class 12
PHYSICS
धारा I = 1.5A, 3.2 cm व्यास तथा 220 फेरे...

धारा I = 1.5A, 3.2 cm व्यास तथा 220 फेरें प्रतिसेमी वाली एक लम्बी परिनालिका में प्रवाहित हो रही है इसके केन्द्र पर 2.1 व्यास की 130 फेरें वाली कसी हुई कुण्डली इस प्रकार रखी जाती है ताकि कुण्डली लम्बी परिनालिका के समाक्षीय रहे। परिनालिका में धारा 25 ms में नियत दर से घटकर शून्य हो जाती है। कुण्डली में प्रेरित विद्युत वाहक बल का परिमाण क्या होगा। जब परिनालिका में धारा परिवर्तित हो रही हो?

लिखित उत्तर

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प्रारम्भ में कुंडली (एक फेरे की ) से चुम्बकीय फ्लक्स गुजर रहा है |
`phi_1=vecB.vecA=BAcos0^@ = mu_0nlxx(pid^2)/(4)`
`= 4pi xx 10^(-7) xx1.5 xx2200xx3.464xx10^(-4)`
`= 1.44 xx10^(-5)` Wb
अन्ततः फ्लक्स शून्य हो जाता है क्योंकि धारा घटकर शून्य हो जाती है।
अतः `e=(|Deltaphi|)/(Deltat)=(1.44xx10^(-5))/(25xx10^(-3))=5.76xx10^(-4)V`
कुल वि.वा.बल ` = N xxe = 130 xx 5.76 xx10^(-4) = 75 mV`
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