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Class 12
PHYSICS
किसी लम्बी परिनालिका का व्यास 0.1m है। इ...

किसी लम्बी परिनालिका का व्यास 0.1m है। इसमें तार के फेरों की संख्या `2 xx 10^4` प्रति मीटर है। इसके केन्द्र पर 0.01 त्रिज्या तथा 100 फेरों वाली एक कुंडली इस प्रकार रखी है कि दोनों की अक्ष संपाती है। परिनलिका में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा का मान एक स्थिर दर से कम होता जाता है और 0.05 s में 4A से शून्य हो जाता है। यदि कुंडली का प्रतिरोध `10 pi^2Omega` है तो, इस अन्तराल में कुंडली से प्रवाहित कुल आवेश होगा :

A

`32 pi mu C`

B

`16 pimuC`

C

`32 muC`

D

`16 muC`

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
C
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