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BIOLOGY
गर्भावस्था में कॉर्पस ल्यूटियम लम्बे समय...

गर्भावस्था में कॉर्पस ल्यूटियम लम्बे समय तक बना रहता है, यद्धपि यदि निषेचन नहीं होता है तो यह केवल 10-12 दिन सक्रिय रहता है। व्याख्या कीजिये।

लिखित उत्तर

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(i) फटी हुई ग्रफियन पुटिका कॉर्पस ल्यूटियम में बदल जाती है ओर प्रोजेस्ट्रोन के साथ इस्ट्रोजन की बड़ी मात्रा स्रावित करती है। ये हॉर्मोन गर्भाशय की एण्डोमीट्रियम में परिवर्तन उत्पन्न करते है जो निषेचित अंडाणु के रोपण के लिए इसे ओर अधिक उपयुक्त बनाते है।
(ii) कॉर्पस ल्यूटियम, अग्र पीयूष ग्रंथि से स्रावित मॉनेडोट्रोपीन हॉर्मोन, LH के प्रभाव से बना रहता है ।
(iii) इस प्रकार की एण्डोमीट्रियम निषेचित अंडाणु (ब्लास्टोसिस्ट) के रोपण तथा संगर्भता की अन्य घटनाओ के लिए आवश्यक होती है। इसलिए कॉर्पस ल्यूटियम संगर्भता में लम्बे समय के लिए बना रहता है।
(iv) किन्तु निषेचन न होने पर एण्डोमीट्रियम के रखरखाव एवं प्रोजेस्ट्रोन की आवश्यकता नहीं होती ओर LH का स्रवण रुक जाता है । अंत: कॉर्पस ल्यूटियम 10-12 दिनों से अधिक नहीं बना रहता ओर नष्ट हो जाता है।
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