(i) जब युग्मनज अंडवाहिनी के इस्यमस से होकर गर्भाशय की ओर गति करता है तो समसूत्री विभाजन (विदलन कहलाते है) प्रारम्भ हो जाते है और 2, 4, 8, 16 पुत्री कोशिकाएं बनाते है, ये ब्लास्टोमीयर्स कहलाती है।
(ii) 8-16 ब्लास्टोमीयर्स वाला भ्रूण मोरुला कहलाता है। मोरुला लगातार विभाजित होता रहता है और ब्लास्टोसिस्ट में बदल जाता है यह पुन: गर्भाशय की ओर गति करता है।
(iii) ब्लास्टोसिस्ट में ब्लास्टोमीयर्स एक बाहरी परत जिसे ट्रोफोब्लास्ट कहते है तथा एक भीतरी परत जो कोशिकाओं का समूह होती है व्यवस्थित रहती है। ओर ट्रोफोब्लास्ट से चिपकी रहती है उन्हें आंतरिक कोशिका कहते है। अब ट्रोफोब्लास्ट परत एण्डोमीट्रियम से जुड़ जाती है तथा कोशिकाओं की आंतरिक मात्रा (inner mass) भ्रूण में विभेदित होने लगती है।
(iv) जुड़ने के पश्चात गर्भाशयी कोशिकाएं तीव्रता से विभाजन करके ब्लास्टोसिस्ट को ढक लेती है। परिणामस्वरूप ब्लास्टोसिस्ट, गर्भाशय की एण्डोमीट्रियम में दुब जाता है। इसे रोपण कहते है जो गर्भावस्था को आगे बढ़ाता है।
(v) युग्मनज से रोपण तक की विकासीय अवस्थाएं -
