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Class 12
PHYSICS
दो धारावाही वृत्ताकार कुण्डलीयों X तथा Y...

दो धारावाही वृत्ताकार कुण्डलीयों X तथा Y की त्रिज्याएँ क्रमशः 16 सेमी तथा 10 सेमी है। इनका तल उत्तर-दक्षिण दिशा में स्थित एक ही तल में है। कुण्डली X में 20 फेरे है तथा 16 एम्पियर धारा प्रवाहित हो रही है, कुण्डली Y में फेरो की संख्या 25 तथा धारा 18 एम्पियर है। X में धारा वामावर्ती तथा Y में दक्षिणावर्ती दिशा में प्रवाहित है। कुण्डली को पश्चिम की ओर मुंह करके देखने वाले प्रेक्षक के लिए कुण्डलीयो के उभयनिष्ठ केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र का मान एवं दिशा क्या होगी?
(i) केवल X कुण्डली के कारण ?
(ii) केवल Y कुण्डली के कारण ?
(iii) दोनों कुण्डलियों के कारण ?

लिखित उत्तर

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चित्रानुसार कुण्डली X में धारा वामावर्ती प्रवाहित हो रही है, इसलिए
अतः `B_(x)` की दिशा पूर्व की ओर होगी
`B_(x)=(mu_(0))/(2)(l_(x)N_(x))/(r_(x))`
`=(2pixx10^(-7))/(2)xx(16xx20)/(0.16)=4pixx10^(-4)T` (पूर्व में)

कुण्डली Y में धारा दक्षिणावर्ती प्रवाहित हो रही है अतः `B_(Y)` की दिशा पश्चिम की ओर होगी
`B_(Y)=(mu_(0))/(2)(I_(Y)N_(Y))/(r_(Y))`
`=(4pixx10^(-7))/(2)xx(18xx25)/(2)=9pixx10^(-4)T` (पश्चिम में)
`because` दोनों क्षेत्र संरेखीय तथा परस्पर विपरीत है अतः परिणामी चुम्बकीय क्षेत्र = दोनों क्षेत्र का अन्तर तथा अधिक परिणाम वाले चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में होगा अतः उभयनिष्ठ केन्द्र पर चुम्बकीय केन्द्र `5pixx10^(-4)` टेस्ला पश्चिम की ओर होता है।
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