Home
Class 12
PHYSICS
बीटा क्षय में ""^(198) Au rarr ""^(198...

बीटा क्षय में
`""^(198) Au rarr ""^(198)Hg + beta^(-) + bar(v)`
जहाँ `""^(198)Hg` आध अवस्था के ऊपर 1.088 Mev ऊर्जा की उत्तेजित अवस्था में एक मर्करी नाभिक को प्रदर्शित करता है। उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा क्या होगी? `""^(198)Au` का परमाण्वीय द्रव्यमान 197.968233 u है तथा `""^(198)Hg` का 197.966760 u है

लिखित उत्तर

Verified by Experts

यदि उत्पादित नाभिक `""^(198)Hg` इसकी आद्य अवस्था में निर्मित होता है तब इलेक्ट्रॉन तथा प्रति न्युट्रोनों की गतिज ऊर्जा होगी
`Q = [m(""^(198)Au) - m(""^(198)Hg)]C^2`
`""^(198)Hg` की आद्य अवस्था में `""^(198)Hg` की ऊर्जा से अधिक ऊर्जा 1.088 Mev है। वास्तविक गतिज ऊर्जा होगी -
`Q=[m(""^(198)Au)-m(""^(198)Hg)]c^2 - 1.088 MeV`
` = (197.968233 u - 197.966760 u)(931 (MeV)/(u))-1.088MeV`
`= 1.3686 MeV - 1.088 MeV = 0.2806 MeV`.
यह उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की अधिकतम सम्भव गतिज ऊर्जा भी है।
Promotional Banner