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BIOLOGY
एक स्वपरागित द्विलिंगी पुष्प से फल के उत...

एक स्वपरागित द्विलिंगी पुष्प से फल के उत्पन्न होने की संभावना एकलिंगी पौधे की तुलना में अत्यधिक होती है। समझाइए।

लिखित उत्तर

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(i) एक स्वपरागित द्विलिंगी पुष्प से फल के उत्पन्न होने की संभावना एकलिंगी पौधे की तुलना में अत्यधिक होती है क्योंकि स्वपरागित द्विलिंगी पौधे में परागकणों का फूलों के वर्तिकान पर स्थानान्तरण एकलिंगी पौधों की अपेक्षा अत्यन्त सरल है।
(ii) इसका कारण है कि द्विलिंगी पुष्प में परागकोष एवं वर्तिकाग्र एक दूसरे के काफी समीप होते हैं और परागण की क्रिया परागणकारी की अनुपस्थिति से प्रभावित नहीं होती, किन्तु एकलिंगी पौधों में परागकणों को वर्तिकान के समीप लाने के लिए परागणकारी की आवश्यकता होती है, क्योंकि परागकोष एवं वर्तिकान एक-दूसरे से दूर स्थित होते हैं।
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