Home
Class 14
HINDI
चिनार वृक्ष सामान्यतया मध्यम आकार के, मध...

चिनार वृक्ष सामान्यतया मध्यम आकार के, मध्यम से अधिक ऊँचे आकार के होते हैं । इनकी ऊँचाई 50 मीटर अथवा इससे भी अधिक हो सकती है । इसकी लकड़ी का घनत्व बहुत अधिक होता है तथा यह मज़बूत और कठोर होती है । चिनार की लकड़ी सफ़ेद होती है तथा इसके किनारे पीले अथवा लाल रंग के होते हैं । इसकी लकड़ी पर सरलता से पॉलिश की जा सकती है तथा रंग भी किया जा सकता है । इसकी लकड़ी न तो आसानी से कटती है और न आसानी से टूटती है । किंतु यह टिकाऊ भी नहीं होती है, अत: कीमती फ़र्नीचर आदि इससे नहीं बनाए जाते ।
चिनार वृक्ष का तना सुंदर और आकर्षक होता है एवं इस पर काँटे नहीं होते, किंतु छूने पर यह खुरदुरा लगता है । चिनार वृक्ष के तने की छाल अविकसित सी होती है तथा यह पहाड़ी बनकर झरती रहती है । इससे इसका तना शल्क वाला दिखाई देने लगता है । इसके पुराने वृक्षों की छाल झरती नहीं है, किंतु इसमें लंबी-लंबी दरारें पड़ जाती हैं । चिनार वृक्ष की छाल का रंग धूसर, हरापन लिए धूसर अथवा सफ़ेदी लिए हुए धूसर रंग का होता है, शरद ऋतु में चिनार का वृक्ष अपनी छाल का रंग बदलता है और नारंगी अथवा नारंगीपन लिए सुनहरे रंग का हो जाता है । चिनार वृक्ष की शाखाएँ कत्थई रंग की होती हैं तथा आसानी से नहीं टूटतीं किंतु वृक्ष के बढ़ने के साथ ही ये नीचे झुकने लगती हैं और कभी-कभी वृक्ष के नीचे से गुज़रने वालों से टकराने लगती हैं।
चिनार की लकड़ी होती है

A

पीली

B

लाल

C

सफ़ेद

D

काली

लिखित उत्तर

Verified by Experts

Promotional Banner