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Class 14
HINDI
दिशाएँ निमंत्रण मुझे दे रही हैं, सफलता...

दिशाएँ निमंत्रण मुझे दे रही हैं,
सफलता का यह द्वार मेरे लिए है ।।
न अवरोध कोई न बाधा कहीं है,
न संदेह कोई न व्यवधान कोई।
अटल एक विश्वास मन में भरा है,
नहीं पथ-डगर आज अनजान कोई ।।
हृदय में कहीं कह रहा बात कोई,
धरा औ गगन सिर्फ़ तेरे लिए है ।।
नहीं कुछ यहाँ जो मुझे रोक पाए,
न कोई यहाँ जो मुझे टोक पाए।
अजानी हवा में बहे जा रहा हूँ
मुझे आज लगता कि मैं वह नहीं हूँ ।।
रही जगमगा इंद्रधनुषी दिशाएँ,
दिगंतर मदिर रस अलौकिक पिए हैं ।।
कविता का केंद्रीय स्वर है -

A

उत्साह और आत्मविश्वास

B

बाधाएँ और विघ्न

C

सुनसानी और अनजानापन

D

कर्म और प्रेरणा

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