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सीखें परिमेयकरण पर हर तरह का सवाल केवल 3...

सीखें परिमेयकरण पर हर तरह का सवाल केवल 30 min में !!

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पाठ पढ़ने-पढ़ाने के बाद किस तरह के सवाल बच्चों की समझ का मूल्यांकन करने में सहायक नहीं होते?

वास्तविक संख्याओं पर संक्रियाएँ|हर का परिमेयकरण करना|हर का परिमेयकरण करना |सारांश

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 6 हारा हूँ सौ बार गुनाहों से लड़लड़कर लेकिन बारम्बार लड़ा हूँ मैं उठ उठ कर इससे मेरा हर गुनाह भी मुझसे हारा मैंने अपने जीवन को इस तरह उबारा डूबा हूँ हर रोज किनारे तक आ आकर लेकिन में हर रोज उगा हूँ जैसे दिनकर इससे मेरी असफलता भी मुझसे हारी मैंने अपनी सुन्दरता इस तरह सँवारी। 'उठ उठ' में अलंकार है

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 6 हारा हूँ सौ बार गुनाहों से लड़लड़कर लेकिन बारम्बार लड़ा हूँ मैं उठ उठ कर इससे मेरा हर गुनाह भी मुझसे हारा मैंने अपने जीवन को इस तरह उबारा डूबा हूँ हर रोज किनारे तक आ आकर लेकिन में हर रोज उगा हूँ जैसे दिनकर इससे मेरी असफलता भी मुझसे हारी मैंने अपनी सुन्दरता इस तरह सँवारी। असफलता में प्रयुक्त उपसर्ग है

प्राथमिक स्तर पर आप किस तरह का बाल-साहित्य उचित समझते हैं?

चेन्नई में आई बाढ़ अब उतार पर है। इस त्रासदी से निबटने में इस शहर ने जिस साहस का परिचय दिया, जिस तरह से सोशल मीडिया ने एक बार फिर बचाव के काम में अहम किरदार निभाया, बल्कि कुछ मामलों में तो जान बचाने में भी उसकी भूमिका रही, इसे देखते हुए उसकी जितनी तारीफ की जाए, वह कम है। इन तमाम अच्छी बातों के बावजूद इस वास्तविकता को भी नहीं झूठलाया जा सकता कि इस त्रासदी से बचा जा सकता था। चेन्नई में आई बाढ़ की असली वजह थी अडयार नदी-बेसिन का नए हवाई अड्डे के लिए अतिक्रमण। ठीक उसी तरह, जैसे दूसरे नदी विस्तारों का आवासीय निर्माण के लिए इस्तेमाल कर लिया गया है। नदी के कुदरती रास्तों को अवरूद्ध किए जाने से इसका जल आसपास के इलाकों में उमड़ गया। जब तक प्रकृति अपना क्रोध नहीं दिखाती, हमारे योजनाकार हर जोखिम को नजरअंदाज़ करते रहते हैं और उस चीज की तलाश में रहते हैं, जिसे वे ले सकते हैं। हमने इसी तरह का विध्वंसक सैलाब मुंबई में भी देखा। कुछ समय पहले श्रीनगर में भी ऐसी ही बर्बादी देखी। हर जगह मुख्य वजह मिली। अनियोजित शहरीकरण और बुनियादी नियमों की अनदेखीं। फिर भी हर बार त्रासदी की गंभीरता लोगों की यादों में धुंधली पड़ जाती है। चेनई की तरह दिल्ली में भी ऐसे सैलाब की संभावना है। इसलिए हमें यमुना नदी के बेसिन से छेड़छाड़ करने की 'बुद्धिमानी' से बचना होगा। 'बाढ़ अब उतार पर है' का अर्थ है

चेन्नई में आई बाढ़ अब उतार पर है। इस त्रासदी से निबटने में इस शहर ने जिस साहस का परिचय दिया, जिस तरह से सोशल मीडिया ने एक बार फिर बचाव के काम में अहम् किरदार निभाया, बल्कि कुछ मामलों में तो जान बचाने में भी उसकी भूमिका रही, इसे देखते हुए उसकी जितनी तारीफ की जाए, वह कम है। इन तमाम अच्छी बातों के बावजूद इस वास्तविकता को भी नहीं झुठलाया जा सकता कि इस त्रसादी से बचा जा सकता था। चेन्नई में आई बाढ़ की असली वजह थी अडयार नदी-बेसिन का नए हवाई अड्डे के लिए अतिक्रमण। ठीक उसी तरह, जैसे दूसरे नदी विस्तारों का आवासीय निर्माण के लिए प्रयोग कर लिया गया है। नदी के कुदरती रास्तों को अवरुद्ध किए जाने से इसका जल आस-पास के इलाकों में उमड़ गया। जब तक प्रकृति अपना क्रोध नहीं दिखाती, हमारे योजनाकार हर जोखिम को नजरअन्दाज करते रहते हैं और उस चीज की तलाश में रहते हैं, जिसे वे ले सकते हैं। हमने इसी तरह का विध्वंसक सैलाब मुम्बई में भी देखा। कुछ ही समय पहले श्रीनगर में भी ऐसी ही बरबादी देखी। हर जगह मुख्य वजह मिली-अनियोजित शहरीकरण और बुनियादी नियमों की अनदेखी। फिर भी हर बार त्रासदी की गम्भीरता लोगों की यादों में धुंधली पड़ जाती है। चेन्नई की तरह दिल्ली में भी ऐसे सैलाब की सम्भावना है। इसलिए हमें यमुना नदी के बेसिन से छेड़छाड़ करने की 'बुद्धिमानी' से बचना होगा। . 'बाढ़ अब उतार पर हैं' का अर्थ है