Home
Class 14
HINDI
निर्देश- नीचे दिए गद्यांश को पढ़कर पूछे ...

निर्देश- नीचे दिए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिएशिक्षा जीवन के सर्वांगीण विकास हेतु अनिवार्य है। शिक्षा के बिना मनुष्य विवेकशील और शिष्ट नहीं बन सकता। विवेक से मनुष्य में सही और गलत का चयन करने की क्षमता उत्पन्न होती है। विवेक से ही मनुष्य के भीतर उसके चहुँ ओर नित्य प्रति होते घटनाक्रमों के प्रति एक छिद्रान्वेषी दृष्टिकोण उत्पन्न होता है। शिक्षा ही मानव को मानव के प्रति मानवीय भावनाओं से पोषित करती है।शिक्षा से मनुष्य अपने परिवेश के प्रति जामत होकर कर्तव्याभिमुख हो जाता है। 'स्व' से 'पर' की ओर अग्रसर होने लगता है। निर्बल की सहायता करना, दुखियों के दुःख दूर करने का प्रयास करना, दूसरों के दुःख से दु:खी हो जाना और दूसरों के सुख से स्वयं सुख का अनुभव करना जैसी बातें एक शिक्षित मानव में सरलता से देखने को मिल जाती हैं। इतिहास, साहित्य, राजनीतिशास्त्र, समाजशास्त्र, दर्शनशास्त्र इत्यादि पढ़कर विद्यार्थी विद्वान् ही नहीं बनता वरन् उसमें एक विशिष्ट जीवन दृष्टि, रचनात्मकता और परिपक्वता का सृजन भी होता है। शिक्षित सामाजिक परिवेश में व्यक्ति अशिक्षित सामाजिक परिवेश की तुलना में सदैव ही उच्च स्तर पर जीवन यापन करता है। परन्तु आज शिक्षा का अर्थ बदल रहा है। शिक्षा भौतिक आकांक्षा की चेरी बनती जा रही है। व्यावसायिक शिक्षा के अंधानुकरण में छात्र सैद्धान्तिक शिक्षा से दूर होते जा रहे हैं। रूस की क्रान्ति, फ्रांस की क्रान्ति, अमेरिकी क्रान्ति, समाजवाद, पूँजीवाद, राजनीतिक व्यवस्था, सांस्कृतिक मूल्यों आदि की सामान्य जानकारी भी व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों को नहीं है।यह शिक्षा का विशुद्ध रोजगारकरण है। शिक्षा के प्रति इस प्रकार का संकुचित दृष्टिकोण अपनाकर विवेकशील नागरिकों का निर्माण नहीं किया जा सकता। भारत जैसे विकासशील देश में शिक्षा रोजगार का साधन न होकर साध्य हो गई है।इस कुप्रवृत्ति पर अंकुश लगाना अनिवार्य है। जहाँ मानविकी के छात्रों को पत्रकारिता, साहित्य-सजन, विज्ञापन, जनसम्पर्क इत्यादि कोर्स भी कराए जाने चाहिए ताकि उन्हें रोजगार के लिए नभटकना पड़े वहीं व्यावसायिक कोर्स करने वाले छात्रों को मानविकी के विषय, जैसे-इतिहास, साहित्य, राजनीतिशास्त्र व दर्शन आदि का थोड़ा बहुत अध्ययन अवश्य करना चाहिए ताकि समाज को विवेकशील नागरिक प्राप्त होते रहें, तभी समाज में सन्तुलन बना रह सकेगा।
"शिक्षा ही मानव को मानव के प्रति मानवीय भावनाओं से पोषित करती है।" इस कथन के लिए उपयुक्त विकल्प चुनिए

A

कदुता

B

सहृदयता की भावना का विकास

C

विनम्रता की भावना का विकास

D

घृणा की भावना का विकास

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
B
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • अनेकार्थी शब्द

    ARIHANT PUBLICATION PATWARI|Exercise अभ्यास प्रश्न|40 Videos
  • तत्सम एवं तद्भव शब्द

    ARIHANT PUBLICATION PATWARI|Exercise अभ्यास प्रश्न|38 Videos
ARIHANT PUBLICATION PATWARI-अपठित गद्यांश -गद्यांश
  1. चुनाव पूर्व सर्वेक्षण एवं एक्जिट पोल का लोकतन्त्र में क्या महत्त्व है ...

    Text Solution

    |

  2. शिक्षा जीवन के सर्वांगीण विकास हेतु अनिवार्य है। शिक्षा के बिना मनुष्य...

    Text Solution

    |

  3. निर्देश- नीचे दिए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उचित उ...

    Text Solution

    |

  4. शिक्षा जीवन के सर्वांगीण विकास हेतु अनिवार्य है। शिक्षा के बिना मनुष्य...

    Text Solution

    |

  5. शिक्षा जीवन के सर्वांगीण विकास हेतु अनिवार्य है। शिक्षा के बिना मनुष्य...

    Text Solution

    |

  6. शिक्षा जीवन के सर्वांगीण विकास हेतु अनिवार्य है। शिक्षा के बिना मनुष्य...

    Text Solution

    |

  7. पुरुषार्थ दार्शनिक विषय है, पर दर्शन का जीवन से घनिष्ठ सम्बन्ध है। वह ...

    Text Solution

    |

  8. पुरुषार्थ दार्शनिक विषय है, पर दर्शन का जीवन से घनिष्ठ सम्बन्ध है। वह ...

    Text Solution

    |

  9. पुरुषार्थ दार्शनिक विषय है, पर दर्शन का जीवन से घनिष्ठ सम्बन्ध है। वह ...

    Text Solution

    |

  10. पुरुषार्थ दार्शनिक विषय है, पर दर्शन का जीवन से घनिष्ठ सम्बन्ध है। वह ...

    Text Solution

    |

  11. पुरुषार्थ दार्शनिक विषय है, पर दर्शन का जीवन से घनिष्ठ सम्बन्ध है। वह ...

    Text Solution

    |

  12. सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना...

    Text Solution

    |

  13. सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना...

    Text Solution

    |

  14. सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना...

    Text Solution

    |

  15. सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना...

    Text Solution

    |

  16. सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना...

    Text Solution

    |

  17. विज्ञान शब्द की परिभाषा और क्षेत्र तथा इसकी प्रौद्योगिकी से भिन्नता के...

    Text Solution

    |

  18. विज्ञान शब्द की परिभाषा और क्षेत्र तथा इसकी प्रौद्योगिकी से भिन्नता के...

    Text Solution

    |

  19. विज्ञान शब्द की परिभाषा और क्षेत्र तथा इसकी प्रौद्योगिकी से भिन्नता के...

    Text Solution

    |

  20. विज्ञान शब्द की परिभाषा और क्षेत्र तथा इसकी प्रौद्योगिकी से भिन्नता के...

    Text Solution

    |