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वर्तमान भोगवादी व्यवस्था में प्रत्येक वस...

वर्तमान भोगवादी व्यवस्था में प्रत्येक वस्तु को 'उपभोग' की कसौटी पर कसा जा रहा है। इसके चलते नारी देह एक प्रमुख 'उपभोग्य वस्तु बन गई है। यही कारण है कि आज वेश्यावृत्ति ने चकलाघरों से बाहर निकलकर संभ्रान्त कही जाने वाली कालोनियों तक अपने पाँव पसार लिए हैं। आज पढ़ी-लिखी लड़कियाँ भी कालगर्ल और सेक्स-वर्कर के रूप में कार्य कर रही हैं। यह सामाजिक अधोगति का स्पष्ट संकेत है। इतना ही नहीं वेश्यावृत्ति से एड्स जैसी लाइलाज बीमारी के भी भयावह स्थिति में पहुँचने का संकट सामने खड़ा है। वेश्यावृत्ति को बढ़ावा देने में दृश्य एवं प्रचार माध्यमों की खासी भूमिका है। आज टेलीविजन और फिल्मों में नारी और पुरुष देह को उत्तेजक रूप में दर्शाया जा रहा है। इसका प्रमुख दुषभाव यह है कि समाज में कम वय में ही विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण बढ़ा है जो युवाओं की यौनाकांक्षाएँ जाग्रत कर उन्हें उनकी पूर्ति हेतु उद्वेलित किए रहता है। यही उद्वेलन उन्हें अन्ततः वेश्यागमन हेतु प्रेरित करता है। यौनाकांक्षा को तृप्त करने के लिए जब साठ या उससे अधिक वर्ष के लोग वेश्याओं के पास जाते हैं तब समाज के समक्ष एक प्रश्नचिह्न अंकित हो जाता है। आज यह प्रश्न सबके सम्मुख खड़ा है कि लड़कियाँ वेश्यावृत्ति के अन्धकूप में किस प्रकार आ गिरती हैं। वास्तविक स्थिति यह है कि इस धन्धे में धकेली गई अधिकांश लड़कियाँ 'सर्वहारा वर्ग से ही होती हैं और उन्हें वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर होना पड़ता है। परन्तु यह भी सत्य है कि शहरों की शिक्षित लड़कियाँ भी शानो-शौकत और शार्टकट रास्ते से धन कमाने की लालसा से इस कार्य में संलग्न हो जाती हैं। यह तथ्य सामने आ चुका है कि गरीबी के कारण वेश्यावृत्ति करने पर विवश लड़कियाँ समाज के प्रति तिरस्कृत दृष्टिकोण रखती हैं। उनके स्थानों पर वे 'सेक्स-वर्कर' का दर्जा पाने के लिए संघर्षरत हैं। चाहे जिस दृष्टि से देखा जाए वेश्यावृत्ति सभ्य समाज के माथे पर कलंक है। एक उत्तरदायी राज्य की स्थापना होने पर ही इसे समाप्त किया जा सकता है।
. युवा वेश्यागमन हेतु क्यों प्रेरित होते हैं?

A

दृश्य एवं प्रचार माध्यमों के उत्तेजक प्रदर्शनों के कारण

B

विपरीत लिंग के आकर्षण के कारण

C

यौनाकांक्षाओं की पूर्ति हेतु

D

वेश्यागमन हेतु उठे उद्वेलन के कारण

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
C
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