Home
Class 12
PHYSICS
दो समरूप आवेशित गोलों को बराबर लम्बाई के...

दो समरूप आवेशित गोलों को बराबर लम्बाई के धागों द्वारा लटकाया जाता हैं प्रत्येक धागा ऊर्ध्वाधर से `theta` कोण बनाता है। जब इसे घनत्व `sigma=0.8 "ग्राम/सेमी"^(3)` के द्रव में लटकाते है तो कण समान रहता है। द्रव का परावैद्युतांक क्या है? (गोले के पदार्थ का घनत्व `1.6"ग्राम/सेमी"^(3)` है।)

लिखित उत्तर

Verified by Experts

प्रांरभ में प्रत्येक गेंद पर तनाव T, भार mg तथा वैद्युत बल F कार्यरत है। इसकी ऊर्ध्वाधर दिशा में साम्यावस्था के लिए
`T cos theta=mg`........1
तथा क्षेतिज के अनुदिश
`T sin theta=F`.............2

समीकरण 2 को 1 से भाग देने पर
`tan theta=F/(mg)`.......3
जब गेंदों को `sigma` घनत्व तथा K परावैद्युतांक वाले द्रव में लटकाते हैं। तो विद्युत बल (1/K) गुना होता है अर्थात
`F’=(F//K)` जबकि भार
`mg’=mg-F_(B)=mg-Vsigmag`
[जहां `F_(B)=V sigma g`, जहां `sigma` द्रव का घनत्व है]
`mg’V rho g-V sigmag`
i.e `mg’=mg[1-(sigma)/(rho)]`[चूंकि `V=m/(rho)`]
अतः गेंदों की साम्यावस्था के लिए
`tan theta’=(F’)/(mg’)=F/(Kmg[1-sigma//rho])`......4
दी गई सूचना के आधार पर `theta’=theta`, अतः समी 4 तथा 3 से
`K=(rho)/((rho –sigma))=1.6/((1.6-0.8))=2`
Promotional Banner