Home
Class 14
HINDI
पर न हिम्मत हार, प्रज्ज्वलित है प्राण मे...

पर न हिम्मत हार, प्रज्ज्वलित है प्राण में अब भी व्यथा का दीप। पंक्ति के रचयिता हैं

A

भवानीप्रसाद मिश्र

B

भारत भूषण

C

दिनकर

D

अज्ञेय

लिखित उत्तर

Verified by Experts

Promotional Banner