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गिरते हुए जीवन उठने का ढोंग रचते हुए अपन...

गिरते हुए जीवन उठने का ढोंग रचते हुए अपने मन को उत्थान का विश्वास भले ही दे लें, परंतु वे संसार की दृष्टि में धूल नहीं डाल सकते और उत्थान के व्यापक कार्यक्रम को धोखा नहीं दे सकते। उनके अस्तित्व पर जो अखर अंकित होंगे, आशा और कर्मण्यता की भावनाओं से भरी हुई शिराओं को उनसे कोई विशेष संदेश कदापि न मिलेगा। देश के नाम पर काम किया जाता है, स्वार्थ-त्याग की दुहाइयाँ दी जाती हैं, गिरे हुए लोगों को उठाने की ध्वनि अलापी जाती हैं, अत्याचारियों को कोसा जाता है और निरंकुशों पर दाँत पीसे जाते हैं, परंतु इन खिलाड़ियों के हदय-पट पर विस्मृति एक बड़ा ही मनोहर पट डाल दिया करती है। हल्के रंग के उड़ते ही जब गहरे रंग की बारी आती है, तब खिलाड़ी लोग अपने-अपने नकाबों को उतार डालते हैं। जो सौजन्य और शिष्टता की मूर्ति थे, जो देशभक्ति और त्याग के अवतार और तपस्या के रूप थे, जो प्रभुओं के उपेखक और दासों के दास थे. आँखें आश्चर्य से देखती हैं कि वे अशिष्टता और स्वार्थ के मैदान में सरपट दौड़ लगा रहे हैं। गालियाँ और बुराइयाँ उनके मुँह और कलेजे के भूषण हो जाती हैं। नेक-नियती केवल उन्हीं के पल्ले रहती है और बेईमानी का कलंक दूसरों के माथे पर। खूब दौड़ लगाते हैं। खूब एड़ी और चोटी का पसीना एक कर देते हैं, परंतु देश की किसी आवश्यकता को पूरा करने के लिए नहीं, अपने को प्रतिष्ठित और शक्तिशाली बनाने के लिए। निरंकुशों को गालियाँ देते हैं. परंतु स्वयं निरंकुशता का दम भरते हैं।
'स्वार्थ' शब्द का संधि विच्छेद ___________ है।

A

स्व + अर्थ

B

स्वा + अर्थ

C

स + अर्थ

D

स्व + थे

Text Solution

Verified by Experts

The correct Answer is:
A

स्वार्थ शब्द का संधि विच्छेद है: स्व् + अर्थी यह दीर्घ स्वर संधि का उदाहरण है।
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