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Class 14
HINDI
जिन लोगों ने गहन साधना करके अपने को सहज ...

जिन लोगों ने गहन साधना करके अपने को सहज नहीं बना लिया, वे सहज भाषा नहीं पा सकते । व्याकरण और भाषा-शास्त्र के बल पर यह भाषा नहीं बनायी जा सकती, कोशों में प्रयुक्त शब्दों के अनुपात पर इसे नहीं गढ़ा जा सकता । कबीरदास और तुलसीदास को यह भाषा मिली थी, महात्मा गाँधी को भी यह भाषा मिली, क्योंकि वे सहज हो सके । उनमें दान करने की क्षमता थी । शब्दों का हिसाब लगाने से यह दातृत्व नहीं मिलता, अपने को दलित द्राक्षा के समान निचोडकर महासहज के समक्ष समर्पण कर देने से प्रास होता है । जो अपने को नि:शेष भाव से नहीं दे सका, वह दाता नहीं हो सकता । आप में अगर देने लायक बस्तु है तो भाषा स्वयं सहज हो जायगी । पहले सहज भाषा बनेगी, फिर उसमें देने योग्य पदार्थ भरे जायेंगे, यह गलत रास्ता है । सही रास्ता यह है कि पहले देने की क्षमता उपार्जन कौजिए । इसके लिए तप की जरूरत है, साधना की जरूरत है, अपने को नि:शेष भाव से दान कर देने की जरूरत है।
कौन शब्द विदेशी है ?

A

व्याकरण

B

भाषा

C

क्षमता

D

गलत ।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
D
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