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Class 14
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सृजन की थकान भूल जा देवता। अभी तो पड़...

सृजन की थकान भूल जा देवता।
अभी तो पड़ी है धरा अधबनी,
अभी तो पलक नहीं खिल सकी
नवल कल्पना की मधुर चाँदनी
अभी अधिलिखी ज्योत्सना की कली
नहीं जिन्दगी की सुरभि में सनी।
अभी तो पड़ी है धरा अधबनी,
अधूरी धरा पर नहीं है कहीं
अभी स्वर्ग की नींव का भी पता।
सृजन की थकान भूल जा देवता।
'सृजन' का विलोम शब्द क्या होगा?

A

संज्ञा

B

सर्वनामः

C

क्रिया

D

विशेषण

लिखित उत्तर

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