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Class 14
HINDI
जय नहीं था इन्सान धरती पर थे जंगल, ...

जय नहीं था
इन्सान
धरती पर थे जंगल,
जंगली जानवर, परिन्दे
इन्हीं सबके बीच उतरा
इन्सान
और घटने लगे जंगल,
जंगली जानवर, परिन्दे
इन्सान
बढ़ने लगा बेतहाशा
अब कहाँ जाते जंगल,
जंगली जानवर, परिन्दे
प्रकृति किसी के साथ
नहीं करती नाइन्साफी
सभी के लिए बनाती है जगह
सो अब
इन्सानों के भीतर उतरने लगे हैं
जंगल, जंगली जानवर
और परिन्दे
कविता के अन्त में क्या व्यंग्य किया गया है?

A

पशु-पक्षियों के प्रति

B

इंसानों के प्रति

C

जंगल के प्रति

D

उपर्युक्त सभी के प्रति

लिखित उत्तर

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