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Class 14
HINDI
क्रोध सब मनोविकारों से फुतीला है. इसी से...

क्रोध सब मनोविकारों से फुतीला है. इसी से अवसर पड़ने पर यह और मनोविकारों का भी साथ देकर उनको तुष्टि का साधक होता है । कभी वह दया के साथ कूदता है कभी घृणा के । एक कूर कुमार्गी किसी अनाथ अबला पर अत्याचार कर रहा है । हमारे हृदय में उस अनाथ अबला के प्रति दया उमड़ रही है । पर दया की अपनी शक्ति तो त्याग और कोमल व्यवहार तक होती है । यदि वह स्त्री अर्थकष्ट में होती तो उसे कुछ देकर हम अपने दया के बेग को शांत कर लेते ।
निम्नलिखित में से भाववाचक संज्ञा है

A

अपनी

B

अवसर

C

दया

D

यह

लिखित उत्तर

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